
हांगकांग में 26 नवंबर को अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में भीषण आग पर अभी भी पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया है. इस बहुमंजिला आवासीय परिसर में लगी आग पर काबू पाने के लिए बचाव दल गुरुवार (28 नवंबर 2025) को दूसरे दिन भी जूझते रहे. हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है, जबकि 280 से अधिक लोग लापता हैं. अधिकारियों ने इसे पिछले 70 वर्षों में शहर की सबसे बड़ी त्रासदी बताया.
इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर धधकती रही आग
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकार ने बताया कि लगभग 76 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 43 की हालत गंभीर है. मृतकों में एक दमकलकर्मी भी शामिल है. कई लोग अभी भी इमारतों में फंसे हुए हैं. सात में से चार ब्लॉक में लगी भीषण आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि शाम को शेष 31 मंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर आग धधकती रही. अभी भी बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है और फंसे लोगों को इमारतों से निकाला जा रहा है.
आग से प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज
आग लगने का सही कारण क्या था ये अभी तक पता नहीं चल पाया है. सरकार ने इस मामले में आपराधिक जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं. अधिकारी ने बताया कि सात इमारतें पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी हैं, जिनमें से प्रत्येक 32 मंजिला है. हांगकांग सरकार ने प्रभावितों के लिए 30 करोड़ हांगकांग डॉलर (करीब 4.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की राहत का ऐलान किया है. सैकड़ों विस्थापित निवासियों को अस्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित कर दिया गया है.
4,600 लोगों का घर हुआ स्वाहा
ताई पो जिले में 1983 में बने वांग फुक कोर्ट परिसर में आठ बहुमंजिला इमारतें हैं जिनमें 1,984 फ्लैट हैं. 2021 की जनगणना के अनुसार, इन इमारतों में लगभग 4,600 लोग रहते हैं. चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआके अनुसार हांगकांग पुलिस 27 नवंबर को बताया कि इस अग्निकांड के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति उस निर्माण कंपनी के अधिकारी हैं जो इन सामग्रियों को इमारतों के रिन्यूअल के दौरान लगाने के लिए जिम्मेदार थे.
कैसे अचानक फैली आग?
पुलिस का कहना है कि रखरखाव कार्य के दौरान इस्तेमाल किए गए ज्वलनशील मचान और फोम सामग्री के कारण ये आग इतनी तेजी से फैला हो सकता है. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक हांगकांग पुलिस अधीक्षक एलीन चुंग ने कहा, “हमारे पास यह मानने का कारण है कि कंपनी के जिम्मेदार पक्षों की घोर लापरवाही थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई और आग अनियंत्रित रूप से फैल गई. इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए.”
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