
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर कड़ा सियासी वार करते हुए कहा कि ढाई साल पहले जब भाजपा सत्ता में आई, तो उन्हें विरासत में एक ‘खंडहर राजस्थान’ मिला था। जैसे किसी टूटे-फूटे, जर्जर मकान को संभालने से पहले उसके चारों तरफ चक्कर लगाकर यह सोचना पड़ता है कि मरम्मत कहां से शुरू करें, ठीक वैसी ही बदहाल स्थिति प्रदेश की थी। राजधानी के जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को आयोजित पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के राज्यस्तरीय संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पानी, बिजली, किसान और रोजगार के मुद्दों पर विपक्ष की जमकर खबर ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौर में चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला था, युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर रो रहे थे और किसान बेहाल थे। हमारी सरकार ने सत्ता संभालते ही प्राथमिकताओं को तय किया और सबसे पहले जीवन की दो बुनियादी जरूरतों—पानी और बिजली के क्षेत्र में ठोस काम शुरू किया। सालों से लटके पड़े चार अंतरराज्यीय जल समझौतों को धरातल पर उतारा गया। आज प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली मुहैया कराई जा रही है और वर्ष 2027 तक राजस्थान के सभी जिलों के किसानों को खेती के लिए दिन में निर्बाध बिजली मिलने लगेगी।
नौकरियों के गणित पर कांग्रेस को घेरा: ‘जोड़ लगा लीजिए, कमजोर है तो ट्यूशन लगवा दूंगा’
सरकारी भर्तियों के वादे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब हमने 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का ऐलान किया था, तब कांग्रेसी कहते थे कि यह सफेद झूठ है और इतनी नौकरियां कोई सरकार नहीं दे सकती। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं कांग्रेस नेताओं से फिर कह रहा हूं कि अपनी जेब में डायरी और पेन हमेशा रखिए और हिसाब नोट करते जाइए।
भर्तियों का पूरा ब्योरा रखते हुए सीएम ने कहा कि अब तक 1.94 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, 1.22 लाख पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं, जबकि 1.25 लाख नई नौकरियां प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग अब बैठकर खुद ही जोड़ लगा लें। अगर उनकी मैथेमेटिक्स इतनी कमजोर है कि वे यह सरल हिसाब भी नहीं समझ पा रहे, तो वे नाम बता दें, मैं उनके लिए मैथ का अलग से ट्यूशन लगवा दूंगा ताकि कोई रोज गुणा-भाग करके उन्हें समझा सके कि कितना काम हो चुका है।
‘सरपंच उम्मीद का पहला केंद्र, गांव के लिए मैं आज भी सरपंच भजनलाल हूं’
पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज और सरपंच ही ग्रामीण विकास की असली धुरी हैं। गांव में किसी भी नागरिक के लिए उम्मीद का पहला दरवाजा उसका सरपंच होता है। ग्रामीण जब छोटी-छोटी समस्याएं लेकर आएं, तो उन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज न करें, बल्कि प्राथमिकता से हल करें।
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सीएम भावुक अंदाज में बोले कि लोग आज भी उन्हें सरपंच पहले और मुख्यमंत्री बाद में मानते हैं। उन्होंने एक वाकया साझा किया कि एक बार जब वे मंदिर दर्शन करने पहुंचे, तो बाहर लोग ‘मुख्यमंत्री भजनलाल जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे, लेकिन पास खड़े उनके अपने गांव के लोग गर्व से ‘सरपंच भजनलाल जिंदाबाद’ कह रहे थे। उन्होंने कहा कि आप पद में चाहे कितने भी बड़े बन जाएं, गांव के लिए अपनी मिट्टी से जुड़ाव कभी कम नहीं होना चाहिए। गांव की नब्ज और जमीनी हकीकत को समझने के लिए ग्रामीणों के बीच बैठना पड़ता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को गांवों में अधिक समय बिताने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
Latest News
Categories
- Uncategorized (13)
- अनूपगढ़ (1)
- अम्बाला (1)
- अयोध्या (5)
- अरुणाचल प्रदेश (1)
- अलवर (9)
- असम (5)
- अहमदाबाद (8)
- आंध्र प्रदेश (3)
- इंडिया (489)
- इतिहास (66)
- इंदौर (13)
- उत्तरप्रदेश (37)
- उत्तराखंड (24)
- उदयपुर (19)
- ऐस्ट्रो (30)
- ऑटो (4)
- करियर (11)
- करौली (1)
- कर्नाटक (7)
- कुरुक्षेत्र (2)
- कोटपूतली-बहरोड़ (5)
- कोटा (18)
- क्राइम (28)
- खेल (43)
- खैरथल–तिजारा (2)
- गाज़ियाबाद (3)
- गांधीनगर (1)
- गुजरात (12)
- ग्वालियर (1)
- चित्तौड़गढ़ (5)
- चुनाव (73)
- चुरू (6)
- छत्तीसगढ़ (4)
- जबलपुर (1)
- जम्मू कश्मीर (8)
- जयपुर (451)
- जयपुर ग्रामीण (19)
- जवाई प्रेस क्लब (1)
- जालोर (6)
- जेसलमेर (25)
- जोधपुर (101)
- जोधपुर ग्रामीण (16)
- झारखंड (1)
- झालावाड़ (18)
- झुंझुनू (5)
- टेक्नोलॉजी (17)
- टोंक (2)
- डीडवाना कुचामन (3)
- डूंगरपुर (7)
- दिल्ली (47)
- दिल्ली एनसीआर (11)
- देवास (1)
- दौसा (3)
- धौलपुर (2)
- नीम का थाना (1)
- न्यूज़ (787)
- पंजाब (6)
- पश्चिम बंगाल (14)
- पानीपत (3)
- पाली (252)
- प्रयागराज (3)
- फरीदाबाद (4)
- फलौदी (4)
- बाड़मेर (22)
- बारां (9)
- बालोतरा (10)
- बांसवाड़ा (4)
- बिजनेस (75)
- बिहार (43)
- बीकानेर (13)
- बूंदी (3)
- ब्यावर (1)
- भरतपुर (4)
- भीलवाडा (3)
- भोपाल (16)
- मथुरा (2)
- मध्यप्रदेश (35)
- मनोरंजन (71)
- महाराष्ट्र (31)
- मेरठ (1)
- राजसमंद (1)
- राजस्थान (1,026)
- राज्य (268)
- लखनऊ (9)
- लाइफस्टाइल (9)
- वाराणसी (2)
- विश्व (101)
- शिक्षा (5)
- श्री गंगानगर (7)
- सवाई माधोपुर (3)
- सांचोर (1)
- सिरोही (46)
- सीकर (10)
- सूरत (1)
- हरियाणा (16)
- हेल्थ (10)




