Exclusive
Breaking News

सुमेरपुर में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बांटे सहायता राशि के चेक: कृषि दुर्घटना पीड़ित परिवारों और श्रमिकों को मिला आर्थिक संबल; बोले—’जरूरतमंदों की सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता’ सुमेरपुर में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बांटे सहायता राशि के चेक: कृषि दुर्घटना पीड़ित परिवारों और श्रमिकों को मिला आर्थिक संबल; बोले—’जरूरतमंदों की सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता’

सिरोही-पाली फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा: पोसालिया पुलिया के पास दूध के टैंकर में पीछे से घुसा ट्रेलर; एक की दर्दनाक मौत, ड्राइवर गंभीर सिरोही-पाली फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा: पोसालिया पुलिया के पास दूध के टैंकर में पीछे से घुसा ट्रेलर; एक की दर्दनाक मौत, ड्राइवर गंभीर

जयपुर SMS हॉस्पिटल के डॉक्टरों का मेडिकल चमत्कार: महिला के पेट से निकाली 28.6 किलो की विशाल गांठ; 3 घंटे चला ऑपरेशन, दुनिया भर में अब तक केवल 20 ऐसे केस रिपोर्ट जयपुर SMS हॉस्पिटल के डॉक्टरों का मेडिकल चमत्कार: महिला के पेट से निकाली 28.6 किलो की विशाल गांठ; 3 घंटे चला ऑपरेशन, दुनिया भर में अब तक केवल 20 ऐसे केस रिपोर्ट

वोटर लिस्ट से कट गया था नाम तो न हों परेशान: निर्वाचन आयोग शुरू करेगा ‘विशेष नाम जोड़ो’ अभियान; 2003 की पुरानी सूची की अनिवार्यता खत्म, स्कूल-कॉलेजों में लगेंगे शिविर वोटर लिस्ट से कट गया था नाम तो न हों परेशान: निर्वाचन आयोग शुरू करेगा ‘विशेष नाम जोड़ो’ अभियान; 2003 की पुरानी सूची की अनिवार्यता खत्म, स्कूल-कॉलेजों में लगेंगे शिविर

आसमान में 9/11 की साजिश नाकाम: सऊदी के ऊपर गोते खा रहा था बोइंग 737, लहूलुहान भारतीय कैप्टन ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा दरवाजा; 180 जिंदगियों के ‘मसीहा’ की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी आसमान में 9/11 की साजिश नाकाम: सऊदी के ऊपर गोते खा रहा था बोइंग 737, लहूलुहान भारतीय कैप्टन ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा दरवाजा; 180 जिंदगियों के ‘मसीहा’ की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी

आसमान में 9/11 की साजिश नाकाम: सऊदी के ऊपर गोते खा रहा था बोइंग 737, लहूलुहान भारतीय कैप्टन ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा दरवाजा; 180 जिंदगियों के 'मसीहा' की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी
आसमान में 9/11 की साजिश नाकाम: सऊदी के ऊपर गोते खा रहा था बोइंग 737, लहूलुहान भारतीय कैप्टन ने आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा दरवाजा; 180 जिंदगियों के ‘मसीहा’ की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी

रियाद/तेल अवीव/दुबई। 30 सितंबर 2026 की सुबह 9 बजकर 21 मिनट। सऊदी अरब की सीमा के ठीक ऊपर 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा ‘फ्लाईदुबई’ का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान (फ्लाइट FZ 1073) अचानक काल के गाल में समाने लगा। रफ्तार 760 से सीधे 1110 किलोमीटर प्रति घंटा और नोज-डाइव ऐसी कि चंद मिनटों में विमान 17 हजार फीट नीचे आ गिरा। केबिन में बत्तियां बुझ चुकी थीं, केबिन प्रेशर गिर रहा था और 180 मुसाफिर आखिरी कलमा व प्रार्थनाएं दोहरा रहे थे।

स्मित की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उनके पास बोइंग 737 विमान पर लगभग 9 हजार 750 घंटे का जहाज उड़ाने का अनुभव है।

लेकिन उस गिरते हुए लोहे के विशालकाय परिंदे के कॉकपिट में मौत और जिंदगी के बीच एक ऐसी जंग लड़ी जा रही थी, जिसे दुनिया दशकों तक नहीं भूल पाएगी। अपने ही सिरफिरे को-पायलट के खूनी चाकुओं के वार झेलकर फर्श पर तड़प रहे भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छर ने बेहोश होने से पहले वह एक फैसला लिया, जिसने आसमान में एक और ‘9/11’ होने से रोक दिया।

एक यात्री ने उस समय का ये वीडियो रिकॉर्ड किया है। इसमें लग रहा है कि प्लेन भयंकर टर्बुलेंस के चलते अपना बैलेंस खो चुका है।

कॉकपिट का खूनी खेल: साथी बना आदमखोर, हवा में खुला ‘हाईजैक कोड 7500’

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव (इजराइल) के लिए सुबह 7:05 बजे जब इस विमान ने उड़ान भरी, तो सब कुछ सामान्य था। लेकिन सऊदी-जॉर्डन बॉर्डर के करीब पहुंचते ही कॉकपिट के भीतर दरिंदगी का नंगा नाच शुरू हुआ। ओमान का नागरिक और सालभर पहले भर्ती हुआ को-पायलट अचानक हैवान बन गया। उसने धारदार हथियार से अपने ही कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला कर दिया।

गले और सीने पर ताबड़तोड़ वार झेलने के बाद भी गुजरात के इस सपूत ने होश नहीं खोया। विमान को आत्मघाती अंदाज में क्रैश करने पर आमादा हमलावर को देख खून से लथपथ कैप्टन स्मित ने रेंगते हुए कॉकपिट के बख्तरबंद दरवाजे की सिक्योरिटी लैच (चिटकनी) खोल दी और ट्रांसपोंडर से सीधे ‘कोड 7500’ (विमान हाईजैक का अंतरराष्ट्रीय सिग्नल) एक्टिवेट कर दिया।

वीडियो में यात्री घायल स्मित की मदद करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वो ऑक्सीजन मास्क पहने हैं।

जब कॉकपिट में कूदा एक ‘प्लंबर’: हेडफोन के तारों से बांधा गया हमलावर

दरवाजा अनलॉक होते ही केबिन में बैठे इजराइली यात्री यानिव हायून (जो पेशे से एक साधारण प्लंबर हैं) और एक ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट की ओर दौड़े। अंदर का मंजर रूह कंपाने वाला था—कैप्टन की दोनों सीटें खाली थीं, फर्श पर खून की धार बह रही थी, भारतीय कैप्टन अचेत पड़ा था और हमलावर को-पायलट दोनों सीटों के बीच कंट्रोल पैनल पर चढ़कर सिस्टम को तबाह करने में जुटा था।

यानिव ने बिना एक पल गंवाए हमलावर की गर्दन दबोची और उसे कॉकपिट से खींचकर बाहर फेंका। तीन इजराइली यात्रियों ने 20 मिनट की खूनी हाथापाई के बाद मोबाइल के तार वाले हेडफोन्स से उसके हाथ-पैर बांध दिए।

लैंडिंग के बाद के एक वीडियो में इजरायली यात्री ‘ओड अविनु चाई’ का पाठ कर रहे हैं। इस प्रार्थना का अर्थ है- ‘हमारे पिता अभी भी जीवित हैं।’

“मैंने हादसों की जांच देखी थी… और खींच दी कंट्रोल स्टिक”

हमलावर तो बंध गया, लेकिन विमान मौत की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा था। ऊंचाई 15 हजार फीट से नीचे जा चुकी थी। अमेरिकी एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर प्लेन 10 हजार फीट से नीचे जाता, तो उसे खींचना नामुमकिन था।

यानिव कॉकपिट में घुसे और दोनों कंट्रोल स्टिक्स को पूरी ताकत से पीछे की तरफ खींच लिया। यह केवल फिल्मों में दिखने वाला दृश्य नहीं था; एक गैर-तकनीकी इंसान के उस दुस्साहस ने विमान के गोते खाने की रफ्तार को धीमा किया। इसी बीच केबिन में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने स्टीयरिंग संभाली और विमान को आपातकालीन स्थिति में सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया। सुबह 10:45 बजे पहियों ने ताबुक के रनवे को छुआ और 180 जिंदगियों ने मौत के मुंह से निकलकर खुली हवा में सांस ली।

नेतन्याहू बोले- “तुमने 9/11 टाल दिया”, मोदी ने कैप्टन के परिवार को बंधाया ढांढस

सुरक्षित लैंडिंग के बाद तेल अवीव पहुंचे यात्रियों से इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्यक्तिगत मुलाकात की। खून से सने कपड़ों में खड़े यानिव को गले लगाते हुए नेतन्याहू ने कहा, “अगर यह विमान इजराइल की सीमा में पहुंच जाता, तो तबाही का मंजर क्या होता, सोचा नहीं जा सकता। इजराइली एयरफोर्स इसे हवा में ही मार गिराने की तैयारी में थी। तुमने दूसरा 9/11 टाल दिया।” इस पर यानिव का जवाब था—“हम शेरों का देश हैं।”

इधर, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्रभाई, माता गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से फोन पर बात कर उनकी वीरता को नमन किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कैप्टन स्मित और मुसाफिरों के अदम्य साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा है।

कौन हैं 180 मुसाफिरों को दूसरा जीवन देने वाले कैप्टन स्मित मच्छर?

मूल रूप से गुजरात के और मुंबई के घाटकोपर में पले-बढ़े 39 वर्षीय स्मित मच्छर का परिवार कपड़ों के पारंपरिक कारोबार से जुड़ा है। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और BBA की पढ़ाई करने वाले स्मित ने एक एविएशन सेमिनार से प्रेरित होकर न्यूजीलैंड से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली थी।

  • 11 साल स्पाइसजेट में अनुभव: 2011 में बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट से करियर शुरू करने वाले स्मित 2020 में ट्रेनिंग कैप्टन बने।

  • फ्लाईदुबई में कैप्टन: जून 2022 से वे यूएई की इस प्रमुख एयरलाइन में बतौर पायलट-इन-कमांड सेवाएं दे रहे हैं और पत्नी व दो बच्चों के साथ दुबई में रहते हैं।

  • अस्पताल में सर्जरी, हालत स्थिर: सऊदी के ताबुक अस्पताल में गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित की इमरजेंसी सर्जरी हुई है। भारतीय दूतावास लगातार डॉक्टरों के संपर्क में है और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं हमलावर को प्राथमिक उपचार के बाद कड़ी सुरक्षा में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया है, जहां खुफिया एजेंसियां इस आत्मघाती साजिश की जड़ें खंगाल रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

Categories