
हाईकोर्ट के निर्णय के बाद जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ की चर्चा, सफारी संचालन, पेट्रोलिंग, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम सहित कई मुद्दों पर दिए निर्देश
पाली। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा डी.बी. सिविल रिट याचिका संख्या 5128/2026 में 5 सितंबर 2026 को दिए गए निर्णय के क्रम में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बुधवार को उनके कक्ष में जवाई सफारी एवं ईको टूरिज्म कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जवाई सफारी एवं ईको टूरिज्म से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सफारी क्षेत्र में 50 मीटर क्षेत्र चिह्नित करने के निर्देश
बैठक में सफारी के लिए क्षेत्र में 50 मीटर क्षेत्र चिह्नित करने तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न विभागों की समन्वित टीम तैनात करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही अंतिम एसओपी के ओरिएंटेशन, पुलिस, वन एवं यातायात विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा आगामी कार्रवाई को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई। बैठक में यह भी तय किया गया कि करीब एक सप्ताह बाद समझाइश के साथ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया को लेकर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

नाइट सफारी बंद करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा
बैठक में नाइट सफारी बंद करने, क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस की सख्ती को लेकर भी चर्चा हुई। वन विभाग की ओर से हाई रेजोल्यूशन कैमरों के उपयोग पर भी विचार किया गया। इसके अलावा सब-कमेटी के गठन, कंट्रोल रूम, ट्रांसपोर्ट, ब्लैक लिस्टिंग और जीपीएस व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
नॉन-फॉरेस्ट एरिया के लिए वर्क प्लान पर जोर
बैठक में नॉन-फॉरेस्ट एरिया के लिए वर्क प्लान तैयार करने तथा अलग-अलग फेज के अनुसार कार्य करने को लेकर भी जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए।वन विभाग के डीएफओ श्रवण कुमार ने बैठक में विभिन्न बिंदुओं को रखा और संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी दी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एडीएम डॉ. बजरंग सिंह, एडीएम बाली शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम दिनेश विश्नोई, प्रशिक्षु आईएएस बिरजू गोपाल, आरटीओ, यातायात विभाग सहित वन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
जवाई सफारी को लेकर आगे बढ़ी प्रशासनिक प्रक्रिया
हाईकोर्ट के निर्णय के बाद आयोजित इस बैठक में प्रशासन ने जवाई सफारी एवं ईको टूरिज्म से जुड़े निगरानी, सुरक्षा, विभागीय समन्वय और संचालन व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की रूपरेखा पर चर्चा की। अब संबंधित विभागों के स्तर पर दिए गए निर्देशों के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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