सुमेरपुर पालिकाध्यक्ष चुनाव में भाजपा की किलेबंदी में निर्दलीय की सेंधमारी! राखेचा ने भरा अध्यक्ष पद का नामांकन
सुमेरपुर पालिकाध्यक्ष चुनाव में भाजपा की किलेबंदी में निर्दलीय की सेंधमारी! राखेचा ने भरा अध्यक्ष पद का नामांकन

निर्दलीय रमेश कुमार राखेचा ने भरा अध्यक्ष पद का नामांकन, भाजपा से चत्रभुज शर्मा, कांग्रेस से सुभाष मेवाड़ा और निर्दलीय सरिता राजपुरोहित भी मैदान में

सुमेरपुर। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सुमेरपुर की सियासत में अचानक नया मोड़ आ गया है। भाजपा के 19 पार्षदों के साथ बहुमत हासिल करने के बाद जहां भाजपा के बोर्ड को लेकर तस्वीर साफ मानी जा रही थी, वहीं अब निर्दलीय प्रत्याशी रमेश कुमार राखेचा के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। रमेश कुमार राखेचा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पालिकाध्यक्ष पद के लिए नामांकन पेश किया है। वहीं भाजपा की ओर से पूर्व उपाध्यक्ष चत्रभुज शर्मा ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस की ओर से सुभाष मेवाड़ा तथा निर्दलीय सरिता राजपुरोहित ने भी नामांकन पेश किया।

अब बदल गया सुमेरपुर का सियासी गणित

सुमेरपुर नगर पालिका में कुल 35 पार्षद हैं। परिणाम में भाजपा के 19, कांग्रेस के 9 और निर्दलीय 7 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव में 18 वोट बहुमत के लिए जरूरी हैं। यानी भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत से एक सीट ज्यादा है। लेकिन यदि किसी भी पक्ष में क्रॉस-वोटिंग या समर्थन का समीकरण बनता है तो अध्यक्ष पद का गणित बदल सकता है।

राखेचा के मैदान में आने से बढ़ी राजनीतिक हलचल

राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार रमेश कुमार राखेचा को कांग्रेस के समर्थन की चर्चा है। साथ ही यह भी चर्चा है कि यदि उन्हें कुछ अन्य पार्षदों का समर्थन मिलता है तो मुकाबला सीधे भाजपा के 19 के आंकड़े से टकरा सकता है। हालांकि, किस पार्षद का वोट किस उम्मीदवार को मिलेगा, यह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए फिलहाल किसी उम्मीदवार की जीत को तय मानना जल्दबाजी होगी। रमेश कुमार राखेचा पहले वार्ड 8 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं और वार्ड 8 में जीत दर्ज कर चुके हैं। चुनाव से पहले प्रकाशित एक स्थानीय रिपोर्ट में उनकी उम्र 75 वर्ष बताई गई थी।

चत्रभुज शर्मा भी भाजपा के उम्मीदवार

भाजपा की ओर से चत्रभुज शर्मा का नामांकन भी महत्वपूर्ण है। शर्मा वार्ड 23 से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए हैं। उपलब्ध परिणाम के अनुसार उन्होंने वार्ड 23 में 282 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। अब भाजपा के सामने अपने 19 पार्षदों को एकजुट रखने और अध्यक्ष पद का चुनाव अपने पक्ष में कराने की चुनौती है।

सुमेरपुर पर प्रदेश की नजर

सुमेरपुर का यह चुनाव इसलिए भी राजनीतिक रूप से चर्चा में है क्योंकि इसे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री मदन राठौड़ के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। ऐसे में पालिकाध्यक्ष चुनाव का परिणाम स्थानीय राजनीति के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल—किसका बनेगा बोर्ड?

फिलहाल सदन की स्थिति—

भाजपा — 19
कांग्रेस — 9
निर्दलीय — 7
बहुमत — 18

भाजपा के पास संख्याबल के आधार पर बहुमत है, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए अब चार नामांकन सामने आने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि नाम वापसी के बाद कितने उम्मीदवार मैदान में रहते हैं और 21 सितंबर को मतदान के दौरान पार्षदों का अंतिम समर्थन किस उम्मीदवार को मिलता है। अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित पार्षदों के मतदान से होगा। सुमेरपुर में भाजपा के बहुमत के बावजूद अध्यक्ष पद का मुकाबला अब पूरी तरह चुनावी गणित और पार्षदों के अंतिम वोट पर टिक गया है।

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