पाली में मेयर की कुर्सी पर सियासी घमासान, निर्दलीय तय करेंगे सत्ता की दिशा, भाजपा से नमिता बुबकिया और कांग्रेस से सुमित्रा जैन मैदान में
पाली में मेयर की कुर्सी पर सियासी घमासान, निर्दलीय तय करेंगे सत्ता की दिशा, भाजपा से नमिता बुबकिया और कांग्रेस से सुमित्रा जैन मैदान में

पाली। नगर निगम के 65 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद अब मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने नमिता बुबकिया और कांग्रेस ने सुमित्रा जैन को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। वहीं राजबाला हिंगड़, कुसुम सोनी, पुष्पा सोमनानी और राशिदा बानो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से सुमित्रा जैन को पार्टी का सिंबल दिया गया है। वहीं राजबाला हिंगड़ ने कांग्रेस और निर्दलीय दोनों रूप में नामांकन दाखिल किया था। अब नाम वापसी की प्रक्रिया में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे निर्दलीय मैदान में रहती हैं या नाम वापस लेती हैं।

33 का आंकड़ा, 15 निर्दलीयों पर निगाह

पाली नगर निगम में कांग्रेस के 29, भाजपा के 21 और निर्दलीय 15 पार्षद चुने गए हैं। 65 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 33 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस बहुमत से चार सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत के लिए 12 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

दोनों प्रमुख दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक बैठकों और संपर्कों का दौर तेज होने की संभावना है।

राजबाला हिंगड़ के रुख पर नजर

पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ की पत्नी राजबाला हिंगड़ भी मेयर पद की दौड़ में हैं। उन्होंने वार्ड 38 से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उपलब्ध परिणाम के अनुसार उन्होंने भाजपा की नयनश्री जैन को 949 वोट से हराया। कांग्रेस द्वारा सुमित्रा जैन को आधिकारिक सिंबल दिए जाने के बाद राजबाला हिंगड़ के अगले कदम पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। यदि वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में बनी रहती हैं तो मेयर चुनाव में मुकाबले का समीकरण और बदल सकता है।

सुमित्रा जैन और नमिता बुबकिया आमने-सामने

सुमित्रा जैन वार्ड 34 से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने भाजपा की प्रीति संचेती और कांग्रेस के बागी अभिषेक चोपड़ा के बीच मुकाबले में जीत दर्ज की। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार उनकी जीत का अंतर 291 वोट रहा। वहीं नमिता बुबकिया वार्ड 33 से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीती हैं। उन्होंने कांग्रेस के सोहनलाल को 90 वोट से हराया और उन्हें 805 वोट मिले।

नाम वापसी के बाद साफ होगी तस्वीर

मेयर चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा। इसके बाद 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा और मतदान के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।

फिलहाल पाली नगर निगम का सियासी गणित साफ है—कांग्रेस सबसे बड़ा दल है, भाजपा दूसरे स्थान पर है और 15 निर्दलीय पार्षद सत्ता की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। अब निगाहें नाम वापसी और उसके बाद बनने वाले अंतिम राजनीतिक समीकरण पर रहेंगी।

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