शिवगंज पालिकाध्यक्ष चुनाव में सियासी घमासान, भाजपा से कुंदनमल तो राजेश सोनी मैदान में
शिवगंज पालिकाध्यक्ष चुनाव में सियासी घमासान, भाजपा से कुंदनमल तो राजेश सोनी मैदान में

शिवगंज। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शिवगंज की सियासत में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। भाजपा की ओर से कुंदनमल अग्रवाल ने पालिकाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया, जबकि दूसरी ओर राजेश सोनी ने भी अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा। राजेश सोनी के नामांकन में कांग्रेस पार्षद दलपत परमार प्रस्तावक बने। शिवगंज नगर पालिका के 35 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा 18, कांग्रेस 14 और निर्दलीय 3 पार्षदों के साथ सामने आई है। बहुमत का आंकड़ा 18 है, यानी भाजपा ठीक बहुमत के आंकड़े पर है।

पहले पार्षद की शपथ, फिर अध्यक्ष पद की दावेदारी

अध्यक्ष पद के नामांकन से पहले भाजपा के चार पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सर्वेश्वर निंबार्क ने पार्षदों को शपथ दिलाकर प्रमाण पत्र सौंपे। इसके बाद कुंदनमल अग्रवाल ने पालिकाध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। कुंदनमल अग्रवाल वार्ड 14 से भाजपा के टिकट पर पार्षद निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश को 34 वोटों से हराया

जिस कुर्सी के दावेदार थे दिनेश बिंदल, उसी पर कुंदनमल का नामांकन

कुंदनमल अग्रवाल के नामांकन के बाद भाजपा के अंदर नाराजगी की चर्चा भी तेज हो गई है। दिनेश बिंदल को पालिकाध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने कुंदनमल अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया। कुंदनमल के नामांकन के बाद बिंदल ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई और पार्टी पर धोखे का आरोप लगाया। उन्हें मनाने के लिए भाजपा के पदाधिकारी उनके घर पहुंचे, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मुलाकात से इनकार कर दिया। बाद में उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

भाजपा के 18 पार्षदों के बहुमत के बावजूद बढ़ी अंदरूनी नाराजगी, अध्यक्ष पद के दावेदार दिनेश बिंदल के तेवर तल्ख; कांग्रेस खेमे ने 16 पार्षदों के समर्थन का दावा किया

मंत्री की गाड़ी से पहुंचे, बाद में पैदल निकले बिंदल

नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा पार्षद दिनेश बिंदल राज्य मंत्री ओटाराम देवासी की गाड़ी से एसडीएम कार्यालय पहुंचे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्होंने मंत्री की गाड़ी छोड़ दी और पैदल रवाना होकर अपनी कार से वापस लौटे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब बिंदल खुद अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे थे और पार्टी द्वारा कुंदनमल अग्रवाल को प्रत्याशी बनाए जाने से उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी थी। हालांकि, गाड़ी छोड़कर जाने की घटना को उनकी नाराजगी का प्रत्यक्ष कारण मानने के बजाय इसे पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

राजेश सोनी के नामांकन ने बढ़ाई कांग्रेस खेमे की हलचल

दूसरी ओर राजेश सोनी के नामांकन ने भी चुनाव को नया मोड़ दिया है। खास बात यह है कि राजेश सोनी खुद पार्षद का चुनाव हार गए थे, इसके बावजूद उन्होंने पालिकाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन में कांग्रेस पार्षद दलपत परमार प्रस्तावक बने। कांग्रेस के पास 14 पार्षद हैं। तीन निर्दलीयों में से दो के समर्थन की स्थिति में कांग्रेस समर्थित खेमे का आंकड़ा 16 तक पहुंच सकता है। हालांकि भाजपा के पास अपने 18 पार्षद हैं, इसलिए पार्टी के सभी पार्षद एकजुट रहते हैं तो भाजपा उम्मीदवार के पास बहुमत के लिए जरूरी संख्या मौजूद है।

लोढ़ा का 14+2 का दावा, क्रॉस वोटिंग की चर्चा

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से कांग्रेस के 14 पार्षदों के साथ दो निर्दलीयों के समर्थन का दावा किया गया है। वहीं भाजपा के कुछ पार्षदों के बाड़ेबंदी से बाहर आने की चर्चा के बाद क्रॉस वोटिंग को लेकर भी सियासी अटकलें तेज हैं। हालांकि यह अभी राजनीतिक दावा और संभावित गणित है। मतदान के दौरान वास्तविक स्थिति क्या रहती है, यह 21 सितंबर को ही स्पष्ट होगी।

भाजपा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने 18 पार्षदों को एकजुट रखना

शिवगंज में भाजपा के पास 18 पार्षदों का बहुमत है। लेकिन बहुमत और अध्यक्ष पद जीतने के लिए पार्टी के सभी पार्षदों का समर्थन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। दूसरी ओर कांग्रेस के पास 14 पार्षद और तीन निर्दलीय हैं। ऐसे में निर्दलीयों की भूमिका के साथ-साथ भाजपा के भीतर चल रही नाराजगी भी चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है।

शिवगंज का मौजूदा सियासी गणित

भाजपा — 18
कांग्रेस — 14
निर्दलीय — 3
कुल — 35
बहुमत — 18

अब शिवगंज में सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा अपने बहुमत के आंकड़े को अध्यक्ष की कुर्सी में बदल पाती है या अंदरूनी नाराजगी, निर्दलीयों और संभावित क्रॉस वोटिंग से चुनाव का गणित बदलता है। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की जांच 17 सितंबर को होगी और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 21 सितंबर को मतदान होगा।

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