
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन चुने गए हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की तरफ से बयान जारी कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित हुआ. कुल 37 सीटों में नामांकन पत्र प्राप्त हुए और सभी वैध पाए गए. पार्टी चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि नितिन नबीन निर्विरोध चुने गए क्योंकि कोई और नामांकन हुआ ही नहीं. नितिन नबीन के नाम का आधिकारिक ऐलान मंगलवार (20 जनवरी 2026) को होगा.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया 36 प्रदेशों में से 30 प्रदेश अध्यक्षों के निर्वाचन समाप्त होने के बाद शुरू की गई, जो कि न्यूनतम आवश्यक 50 फीसदी से अधिक है. 16 जनवरी 2026 को निर्वाचन कार्यक्रम की अधिसूचना जारी की गई और निर्वाचन सूची का प्रकाशन किया गया. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार (19 जनवरी 2026) को दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न हुई. राष्ट्रीय अध्यक्ष पद हेतु नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 सेट नामांकन पत्र प्राप्त हुए.
पार्टी के दिग्गज नेताओं ने सौंपा नामांकन पत्र
जे. पी. नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी वरिष्ठ नेताओं धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू की मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण को नितिन नबीन के नामांकन पत्रों का एक सेट सौंपा. इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और राज्य के अन्य नेताओं ने भी नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक और सेट दाखिल किया.
नीतिन नबीन को पिछले महीने ही पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे. बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, झारखंड समेत कई राज्यों के नेताओं ने भी नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्र दाखिल किए.
बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है. इस चुनाव प्रक्रिया की निगरानी पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी करते हैं. बीजेपी के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से ऐसे व्यक्ति का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकालों तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता अवधि कम से कम 15 वर्ष हो. हालांकि, ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव पूरे हो चुके हों
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