बेटी को बचाने मां गिरी ट्रेन से; तीन दिन तक खोजता रहा परिवार, कर्नाटक में झाड़ियों में मिली लाश
बेटी को बचाने मां गिरी ट्रेन से; तीन दिन तक खोजता रहा परिवार, कर्नाटक में झाड़ियों में मिली लाश

जालोर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है दरअसल, जालोर के बासड़ा-धनजी निवासी मांगीलाल देवासी (35) आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में मोबाइल एसेसरीज का होलसेल व रिटेल व्यापार करते हैं. 22 नवंबर को उनके साले की शादी है, जिसमें शामिल होने के लिए मांगीलाल ने पत्नी पुष्पा देवी (32), बेटे धर्मेंद्र (9) और बेटी रवीना (5) के साथ 9 नवंबर को ट्रेन पकड़ ली. मांगीलाल अपने परिवार के साथ ट्रेन संख्या 22690 से अनंतपुर से अहमदाबाद जा रहा था

रात करीब 11:30 बजे यादगिरी और नालवर के बीच बेटी रवीना को बाथरूम जाना था. मां पुष्पा उसे साथ लेकर गईं. बाथरूम के बाहर हाथ धोते समय फर्श पर पानी था, जिससे रवीना फिसलकर नीचे गिर गई. उसे बचाने के प्रयास में पुष्पा भी संतुलन खो बैठीं. कोच का गेट खुला था और दोनों ट्रेन से नीचे गिर गईं.

इसके बाद करीब 12 बजे मांगीलाल की नींद खुली तो सीट पर पत्नी और बेटी नहीं थीं. उन्होंने पूरे कोच में खोजा, लेकिन कहीं नहीं मिलीं. उन्हें लगा कि शायद किसी स्टेशन पर उतर गई होंगी और ट्रेन छूट गई हो. अगले स्टेशन रायचूर पर उतरकर उन्होंने जीआरपी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. दिव्यांग होने के बावजूद मांगीलाल ने बेटे और दो भाइयों के साथ 3 दिन तक लगातार तलाश जारी रखी. कई जगह पैदल जाकर ट्रैक के किनारे भी खोजा

13 नवंबर की दोपहर यादगिरी-नालवर स्टेशन के बीच गांव के कुछ बच्चे पशु चराने गए थे. उन्होंने झाड़ियों में दो शव पड़े देखे. ग्रामीणों ने तत्काल जीआरपी को सूचना दी. पुलिस ने शव बरामद किए और पहचान के लिए वीडियो सोशल मीडिया पर डाले. वीडियो देखकर मांगीलाल ने शव की पहचान की. पुष्पा देवी 5 महीने की गर्भवती थीं. पोस्टमॉर्टम के दौरान उनके पेट से 5 महीने का भ्रूण भी निकाला गया.

2014 में मांगीलाल देवासी आंध्र प्रदेश गए थे और धीरे-धीरे मोबाइल एसेसरीज का व्यापार शुरू किया. उनके दो छोटे भाई भी अब वही काम कर रहे हैं और तीनों मिलकर बिजनेस संभालते हैं. 22 नवंबर को जालोर में साले की शादी है, लेकिन अब खुशियों से पहले परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है

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