
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मजु के फिर से खुलने का आखिरी रास्ता भी बंद हो गया है. रूस और चीन ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के उद्देश्य से लाए गए संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया. रूस और चीन ने यह वीटो तब किया, जब इस प्रस्ताव को बार-बार कमजोर किया गया था, ताकि ये दोनों देश वोटिंग से दूर रहें. 15 सदस्यों वाली सुरक्षा परिषद में, बहरीन की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव पर वोटिंग का नतीजा 11-2 रहा, जिसमें पाकिस्तान और कोलंबिया ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
बहरीन के प्रस्ताव में क्या-क्या शामिल?
यह वोटिंग डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई उस समय-सीमा से कुछ घंटे पहले हुई, जिसके तहत ईरान को रात 8 बजे (स्थानीय समय) तक इस रणनीतिक जलमार्ग को खोलना था, नहीं तो उसके पावर प्लांट और पुलों पर हमले का सामना करना पड़ता. बहरीन के शुरुआती प्रस्ताव में देशों को सभी जरूरी साधनों का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया था. इसमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल होती है, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही सुनिश्चित की जा सके और इसे बंद करने की कोशिशों को रोका जा सके.
सुरक्षा परिषद की ओर से अंतिम मसौदे से किसी भी तरह की आक्रामक या रक्षात्मक कार्रवाई के लिए दी जाने वाली मंजूरी को हटा दिया गया. इसके बजाय यह प्रस्ताव होर्मुज़ का इस्तेमाल करने वाले देशों को जोरदार ढंग से प्रोत्साहित करता है कि वे इस जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अपने रक्षात्मक प्रयासों में आपसी तालमेल बिठाएं. इसी समुद्री रास्ते से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है.
चीन और रूस पर भड़के खाड़ी देश
यूएन से प्रस्ताव पास नहीं होने पर सभी खाड़ी देश चीन और रूस पर गुस्सा हो गए. बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और जॉर्डन का बयान पढ़ा. इसमें कहा गया, ‘एक अवैध गतिविधि के मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही. होर्मुज खोलने के लिए बड़ी कार्रवाई जरूरी थी.’
जानबूझकर किए गए हमले युद्ध अपराध: यूएन
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को मिडिल ईस्ट जंग में भड़काऊ बयानबाजी की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर हमले करना युद्ध अपराध है. अंतरराष्ट्रीय अपराधों के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मजु में जहाजों पर हमला करके अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान में ऐसी सरकार है, जो कानूनों, नियमों या ऐसी किसी भी चीज में विश्वास नहीं रखती
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