
उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को राज्य विधान सभा में कहा कि राज्य बजट 2026-27 गरीब, युवा, किसान और महिला सम्मान को समर्पित है। घोषणाओं को समयबद्ध धरातल पर उतारने के लिए संसाधनों की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन से सभी क्षेत्रों का समावेशी विकास कर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राजस्थान बनाने के लिए संकल्पित हैं।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री आय-व्ययक अनुमान 2026-27 पर सदन में सामान्य चर्चा के बाद जवाब दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास’ ध्येय से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘विकसित राजस्थान@2047′ विजन डॉक्यूमेंट के रखे दीर्घकालीन लक्ष्यों के साथ विकास यात्रा को तीव्र गति से बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वर्ष 2030, वर्ष 2035, वर्ष 2040 और विजन 2047 के माइलस्टोन तय किए हैं, उन्हें ठोस कार्य योजना से अर्जित करेंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि राज्य की अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में समावेशी विकास हो, समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित वर्गों का विकास हो। इससे ही राजस्थान वर्ष 2047 तक विकसित राजस्थान बनेगा।
हमारी योजनाओं से राज्य में हुए तीव्र औद्योगिक विकास से केन्द्रीय करों की हिस्सा राशि में भी लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन समय पर देना हमारी जिम्मेदारी है। जनवरी, 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 91 लाख से अधिक पेंशनरों को 28 हजार 400 करोड़ रुपये की पेंशन देकर सम्बल प्रदान किया गया है।
दिया कुमारी ने सदन में बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने 2 वर्षों में ही पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्षों से अधिक विकास कार्य कराए हैं। शिक्षा क्षेत्र में गत सरकार ने वर्ष 2023-24 के बजट में 51 हजार 243 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया जबकि वर्तमान सरकार ने इस बजट में 68 हजार 989 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। यह गत सरकार से 35 प्रतिशत अधिक है। किसान और कृषि क्षेत्र का समुचित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि क्षेत्र में वर्ष 2023-24 में 89 हजार 190 करोड़ रुपये की तुलना में हमारी सरकार ने इस बजट में 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह 34 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सदन में गार्गी पुरस्कार नहीं दिए जाने का विषय सदस्यों द्वारा रखा गया है जबकि वर्ष 2026 में बसंत पंचमी पर योजना के अंतर्गत सभी पात्र 1 लाख 55 हजार 25 बालिकाओं को 46 करोड़ रुपये से अधिक का डीबीटी वितरण किया जा चुका है। कृषि उपज मंडियों के विकास कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस मद में वर्तमान सरकार के दो वर्षों में 658 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। निःशुल्क टेबलेट वितरण योजना में राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 8वीं, 10वीं और 12वीं के 33 हजार विद्यार्थियों को टेबलेट वितरित किए गए हैं। योजना में अब ई-वाउचर देने का प्रावधान किया गया है।
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