
विशेष पड़ताल। ग्राम पंचायत के खुद के सालाना बजट और केंद्रीय-राज्य वित्त आयोग (CFC/SFC) के अलावा भी गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की कई विशेष योजनाएं संचालित हैं। अक्सर ग्रामीणों को लगता है कि गांव की हर सड़क, पानी की टंकी या बड़ा नाला केवल ग्राम पंचायत के सामान्य खाते से बनता है, जबकि हकीकत यह है कि प्रमुख डामर सड़कें, बड़े नाले और पेयजल परियोजनाएं सीधे राज्य सरकार के संबंधित विभागों और विशेष बजट योजनाओं से स्वीकृत होकर पूरी की जाती हैं।
1. गांव की सड़कों के लिए राज्य व केंद्र की प्रमुख योजनाएं
ग्राम पंचायत के अंदर छोटी गलियों में सीसी रोड या पेवर ब्लॉक का काम तो पंचायत अपने बजट या मनरेगा से करा लेती है, लेकिन गांव को मुख्य सड़क, हाइवे या दूसरे गांव से जोड़ने वाली बड़ी डामर सड़कों के लिए अलग व्यवस्थाएं हैं:
-
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY):
-
यह केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त योजना है। इसके तहत 250 से 500 से अधिक आबादी वाले राजस्व गांवों को पक्की डामर सड़क से मुख्य जिला मार्ग या स्टेट हाइवे से जोड़ा जाता है।
-
इसका निर्माण और 5 साल तक रखरखाव सीधे सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की विशेष विंग कराती है। इसमें ग्राम पंचायत को अपनी ओर से कोई पैसा नहीं देना होता।
-
-
राजस्थान राज्य सड़क विकास कोष (State Road Fund – SRF):
-
राज्य सरकार अपने बजट भाषण में हर विधानसभा क्षेत्र के लिए नॉन-पैचेबल (टूटी सड़कों का पुनर्निर्माण) और मिसिंग लिंक (छूटे हुए रास्तों को जोड़ने) के लिए ₹20 करोड़ से ₹30 करोड़ तक का विशेष बजट देती है।
-
स्थानीय सरपंच या वार्ड पंच अपने क्षेत्र के विधायक या PWD अधिकारियों को प्रस्ताव देकर इन सड़कों को स्वीकृत करवा सकते हैं।
-
-
मंडी विकास निधि (RSAMB):
-
कृषि उपज मंडी समितियों के पास मौजूद उपकर (Mandi Cess) से ग्रामीण कृषि संपर्क सड़कें बनाई जाती हैं, ताकि किसान अपनी फसल आसानी से मंडियों तक पहुंचा सकें।
-
-
महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA – ग्रेवल व सीसी रोड):
-
खेतों के रास्तों, ढाणियों और श्मशान/कब्रिस्तान तक जाने वाले रास्तों पर सुदूर ग्रेवल सड़क (Gravel Road) और गांवों के भीतरी रास्तों पर सीसी ब्लॉक निर्माण के लिए मनरेगा से लाखों रुपये के काम स्वीकृत होते हैं।
-
2. पेयजल और हर घर जल: जल जीवन मिशन (JJM)
गांव में पेयजल का सबसे बड़ा काम अब राज्य के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा जल जीवन मिशन के तहत किया जाता है:
-
इसमें हर घर नल कनेक्शन, बड़ी पानी की टंकियां (उच्च जलाशय – OHSR), ट्यूबवेल, क्लोरीनेशन प्लांट और मुख्य पाइपलाइन बिछाने के लिए सीधे ₹1 करोड़ से लेकर ₹5 करोड़ तक का प्रोजेक्ट राज्य सरकार स्वीकृत करती है।
-
निर्माण के बाद इस व्यवस्था के दैनिक संचालन और रख-रखाव (O&M) की जिम्मेदारी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) को सौंपी जाती है, जिसके अध्यक्ष स्थानीय सरपंच होते हैं।
3. विधायक व सांसद निधि (MLA-LAD & MP-LAD)
राज्य के विधायक और लोकसभा/राज्यसभा सांसद अपने विवेकाधीन कोटे से ग्राम पंचायतों को सीधे बड़े विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करते हैं:
-
विधायक कोष (MLA-LAD): राजस्थान में प्रत्येक विधायक को प्रतिवर्ष ₹5 करोड़ का विकास फंड मिलता है। सरपंच या ग्रामीण प्रतिनिधि अपने गांव में सामुदायिक भवन, यात्री प्रतीक्षालय, स्कूल में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, मुख्य रास्तों पर सीसी रोड, एम्बुलेंस या हाई मास्ट सोलर लाइट के लिए विधायक से सीधे अनुशंसा पत्र जारी करवा सकते हैं।
-
सांसद कोष (MP-LAD): इसी प्रकार सांसद निधि से बड़े सामुदायिक भवनों, मुक्तिधाम विकास और जल स्रोतों के लिए ₹5 लाख से ₹25 लाख तक की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जिला परिषद के माध्यम से जारी होती है।
4. खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT Fund)
पाली, सिरोही, राजसमंद, भीलवाड़ा और उदयपुर जैसे खनन प्रभावित जिलों में यह सबसे शक्तिशाली फंड माना जाता है:
-
खनन पट्टों से मिलने वाली रॉयल्टी का एक हिस्सा जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) में जमा होता है।
-
इस फंड से खनन प्रभावित ग्राम पंचायतों में स्कूल भवन, आधुनिक अस्पताल/पीएचसी निर्माण, डामर सड़कें, बड़े ड्रेनेज नाले और आरओ वाटर प्लांट के लिए करोड़ों रुपये सीधे स्वीकृत किए जाते हैं।
5. सामाजिक व ढांचागत विकास की अन्य राज्य स्तरीय योजनाएं
-
मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी / विकास योजना: गांवों में खेल मैदानों की चारदीवारी, ओपन जिम, सार्वजनिक पार्क और ग्रामीण पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) के निर्माण के लिए राज्य सरकार बजट आवंटन करती है।
-
डॉ. बी.आर. अंबेडकर भवन व अनुसूचित जाति बाहुल्य बस्तियों का विकास: राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा एससी/एसटी बाहुल्य बस्तियों में पक्की नालियां, विद्युतीकरण, स्वच्छ पेयजल और सामुदायिक केंद्रों के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाती है।
-
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण – फेज़ 2): ओडीएफ प्लस (ODF Plus) व्यवस्था के तहत गांव में कचरा निस्तारण केंद्र (SWM Center), ई-रिक्शा या कचरा संग्रहण ऑटो टिपर और सार्वजनिक सामुदायिक स्वच्छता परिसरों (CSC) के लिए ₹5 लाख से ₹15 लाख तक का अतिरिक्त फंड मिलता है।
सड़क और बड़े काम स्वीकृत कराने का कानूनी प्रोसेस
यदि किसी गांव में बड़ी डामर सड़क या पानी की बड़ी परियोजना लानी हो, तो उसकी शुरुआत ग्राम स्तर से इस तरह होती है:
-
ग्राम सभा का प्रस्ताव: सबसे पहले ग्राम पंचायत की साधारण सभा या ग्राम सभा में उस सड़क/कार्य का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया जाता है।
-
प्रस्ताव अग्रेषण: यह प्रस्ताव ग्राम पंचायत द्वारा संबंधित विभाग (जैसे PWD, PHED, या जिला परिषद) और क्षेत्रीय विधायक/सांसद को भेजा जाता है।
-
तख्ती व वित्तीय स्वीकृति: संबंधित विभाग तकनीकी सर्वे कर ‘तख्ती’ (Estimate) तैयार करता है, जिसे जिला कलेक्ट्रेट या शासन सचिवालय (जयपुर) से वित्तीय स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया के जरिए काम शुरू कराया जाता है।
Latest News
Categories
- Uncategorized (13)
- अनूपगढ़ (1)
- अम्बाला (1)
- अयोध्या (5)
- अरुणाचल प्रदेश (1)
- अलवर (9)
- असम (5)
- अहमदाबाद (8)
- आंध्र प्रदेश (3)
- इंडिया (494)
- इतिहास (69)
- इंदौर (13)
- उत्तरप्रदेश (37)
- उत्तराखंड (24)
- उदयपुर (19)
- ऐस्ट्रो (30)
- ऑटो (4)
- करियर (11)
- करौली (1)
- कर्नाटक (7)
- कुरुक्षेत्र (2)
- कोटपूतली-बहरोड़ (5)
- कोटा (18)
- क्राइम (28)
- खेल (43)
- खैरथल–तिजारा (2)
- गाज़ियाबाद (3)
- गांधीनगर (1)
- गुजरात (12)
- ग्वालियर (1)
- चित्तौड़गढ़ (5)
- चुनाव (77)
- चुरू (6)
- छत्तीसगढ़ (4)
- जबलपुर (1)
- जम्मू कश्मीर (8)
- जयपुर (454)
- जयपुर ग्रामीण (19)
- जवाई प्रेस क्लब (1)
- जालोर (6)
- जेसलमेर (25)
- जोधपुर (101)
- जोधपुर ग्रामीण (16)
- झारखंड (1)
- झालावाड़ (18)
- झुंझुनू (5)
- टेक्नोलॉजी (17)
- टोंक (2)
- डीडवाना कुचामन (3)
- डूंगरपुर (7)
- दिल्ली (47)
- दिल्ली एनसीआर (11)
- देवास (1)
- दौसा (3)
- धौलपुर (2)
- नीम का थाना (1)
- न्यूज़ (792)
- पंजाब (6)
- पश्चिम बंगाल (14)
- पानीपत (3)
- पाली (254)
- प्रयागराज (3)
- फरीदाबाद (4)
- फलौदी (4)
- बाड़मेर (22)
- बारां (9)
- बालोतरा (10)
- बांसवाड़ा (4)
- बिजनेस (75)
- बिहार (43)
- बीकानेर (13)
- बूंदी (3)
- ब्यावर (1)
- भरतपुर (4)
- भीलवाडा (3)
- भोपाल (16)
- मथुरा (2)
- मध्यप्रदेश (35)
- मनोरंजन (71)
- महाराष्ट्र (31)
- मेरठ (1)
- राजसमंद (1)
- राजस्थान (1,031)
- राज्य (268)
- लखनऊ (9)
- लाइफस्टाइल (9)
- वाराणसी (2)
- विश्व (101)
- शिक्षा (5)
- श्री गंगानगर (7)
- सवाई माधोपुर (3)
- सांचोर (1)
- सिरोही (46)
- सीकर (10)
- सूरत (1)
- हरियाणा (16)
- हेल्थ (10)




